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TayMur Ne 2 Ghante Mein Kar Di Thi 2 Lakh Logon Ki Hatya

By Supriya Rajput
  • Dec 23, 2016
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पानीपत। तैमूरलंग के शासन काल में भारत के लोगों पर जो अत्याचार हुए हैं, उसकी कहानी जानकर रूह कांप जाती है। तैमूरलंग लंगड़ा था, लेकिन उसमें क्रूरता कूट-कूटकर भरी थी। उसने इस्लाम को बढ़ाने के नाम पर पश्चिम एशिया से लेकर मध्य एशिया होते हुए भारत तक खूब लूटपाट और नरसंहार किया था। पानीपत में तुगलक सुल्तान महमूद को हरा की थी दिल्ली पर चढ़ाई...

तैमूर बरलस के तुर्क खानदान में पैदा हुआ था। उसका पिता तुरगाई बरलस तुर्कों का नेता था। भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक बाबर तैमूरलंग का ही वंशज था। बचपन में परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने के चलते छोटी-मोटी चाेरियां शुरू की, फिर लूट का इतना बड़ा नाम बन गया कि आज तक इसके मुकाबले कोई नाम नहीं है।

उसके सलाहकार अमीर और लड़ाकू सरदार भारत पर आक्रमण के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन जब उसने इस्लाम धर्म के प्रचार के लिए भारत में मूर्तिपूजा का विध्वंस करना अपना ध्येय घोषित किया तो उसके अमीर और सरदार भारत पर आक्रमण के लिए राजी हो गए।


अप्रैल 1398 में तैमूर खुद बड़ी सेना लेकर समरकंद से भारत के लिए रवाना हुआ और सितंबर में उसने सिंधु, झेलम तथा रावी को पार किया। 

पानीपत के पास लड़ी गई जंग, फिर 15 दिन दिल्ली को लूटा

तैमूर ने जब हरियाणा में प्रवेश किया तो उसने अपनी सेना को आदेश दिया कि जो भी मिल जाए, कत्ल कर दिया जाए। इसके बाद उसकी सेना के सामने जो भी गांव या नगर आया, उसे लूटा गया। पुरुषों को कत्ल कर दिया गया और स्त्रियों

और बच्चों को बंदी बना लिया गया। पानीपत के पास निर्बल और कमजोर तुगलक सुल्तान महमूद ने 17 दिसंबर को 40,000 पैदल 10,000 अश्वारोही और 120 हाथियों की एक सेना लेकर तैमूर का मुकाबला किया, लेकिन बुरी तरह पराजित हुआ। 


पानीपत की विजय के दूसरे दिन तैमूर ने दिल्ली शहर में प्रवेश किया। 5 दिन तक सारा शहर बुरी तरह से लूटा-खसोटा गया और लोगों का कत्ल किया गया। यहां उसने करीब दो लाख लोगों का कत्ल कुछ घंटे में करा दिया था। 


आम लोगों और व्यावसायियों की दिल्ली की दौलत तैमूर लूटकर समरकंद ले गया। अनेक जवान और बंदी बनाई गई औरतों और शिल्पियों को भी तैमूर अपने साथ ले गया। भारत से जो कारीगर वह अपने साथ ले गया उनसे उसने समरकंद में अनेक इमारतें बनवाईं।


तैमूरलंग भारत में केवल लूट के लिए ही आया था। उसकी इच्छा भारत में रहकर राज्य करने की नहीं थी, इसीलिए 15 दिन दिल्ली में रुकने के बाद वह स्वदेश के लिए रवाना हो गया। और कहां-कहां किए तैमूर ने हमले

9 जनवरी, 1399 को उसने मेरठ पर चढ़ाई की और पूरे मेरठ और आसपास के नगरों को लूटा और हजारों बेकसूर निवासियों को कत्ल किया। इसके बाद वह हरिद्वार पहुंचा, जहां उसने आसपास की हिंदुओं की दो सेनाओं को हराया।


शिवालिक पहाड़ियों से होकर वह 16 जनवरी को कांगड़ा पहुंचा और उसपर कब्जा किया। इसके बाद उसने जम्मू पर चढ़ाई की। इन स्थानों को भी लूटा-खसोटा गया और वहां के असंख्य निवासियों को कत्ल किया गया। 


भारत के जीवन, धन और संपत्ति को अपार क्षति पहुंचाने के बाद 19 मार्च, 1399 को पुनः सिंधु नदी को पार कर वह भारत से अपने देश को लौट गया।


भारत से लौटने के बाद तैमूर से सन 1400 में अनातोलिया पर आक्रमण किया और 1402 में अंगोरा के युद्ध में ऑटोमन तुर्कों को बुरी तरह से पराजित किया। सन 1405 में जब वह चीन की विजय की योजना बनाने में लगा था, अचानक उसकी मृत्यु हो गई।

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