Bad Experience

Isne lagaya Tha Girls ke Undergarments Par Ban

By Kanishka Arora
  • Jan 24, 2017
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अफ्रीकन देश गांबिया में 22 साल से प्रेसिडेंट रहे याह्या जामेह को आखिरकार पद छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। शनिवार को पांच देशों की सेनाओं के दबाव के चलते वे पद और देश छोड़ने को तैयार हुए। जामेह ने 1994 में फौजी विद्रोह के साथ सत्ता संभाली थी।लड़कियों के अंडरगार्मेंट्स पहनने पर लगाई थी रोक...

 जामेह अपने कार्यकाल के दौरान विवादित बयानों और ऊटपटांग बैन को लेकर भी काफी चर्चा में रहे।
- जामेह ने 2015 में लड़कियों के अंडरगार्मेंट्स पहनने पर रोक लगा दी थी। उनका तर्क था कि इससे लड़कियों को मां बनने में मुश्किलें आती हैं।
- हालांकि, उनके इस बैन की बात देश की जनता के गले नहीं उतरी और बैन का असर देश में रत्ती भर भी दिखाई नहीं दिया था।
- जामेह ने 1994 से ब्लीचिंग क्रीम पर भी बैन लगा रखा था। उनका मानना था कि इससे कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं।
- जामेह पश्चिमी देशों के ब्यूटी प्रोडक्ट्स के भी खिलाफ थे। उनका कहना था कि अल्लाह ने लड़कियों को जैसा बनाया है, उन्हें वैसा ही रहना चाहिए।
- जामेह का दावा था कि उनके पास एड्स का अचूक इलाज है। वे अपने नाम के आगे डॉ. भी लगाया करते थे।
- इस्लाम के कट्टर समर्थक जामेह एड्स और दमे के मरीजों का का झाड़-फूंक कर इलाज करते थे।

जीते हुए प्रेसिडेंट को दूसरे देश में लेनी पड़ी शपथ

- लगातार चार बार प्रेसिडेंट रह चुके जामेह पिछले साल दिसंबर में हुए चुनाव में हार गए थे। 
- लेकिन, चुनाव हारने के बाद भी जामेह ने प्रेसिडेंट का पद छोड़ने से साफ मना कर दिया था। 
- उन्होंने देश में तीन महीने के लिए इमर्जेंसी लगाकर अपना कार्यकाल 90 दिन बढ़ा लिया था। 
- जामेह के डर के चलते जीते हुए उम्मीदवार अडामा बैरो को भागकर पड़ोसी देश सेनेगल जाना पड़ा था। 
- गुरुवार को जामेह का कार्यकाल खत्म होने के बाद अडामा बैरो ने सेनेगल में ही गांबिया के दूतावास में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

अफ्रीकी देशों ने दी थी धमकी
- अफ्रीकी देशों के संगठन इकोवास ने जामेह को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने पद नहीं छोड़ा तो वह अपनी सेनाएं भेज कर जबरन उन्हें पद से हटा देंगे। 
- जामेह ने पद नहीं छोड़ा तो नाईजीरिया और सेनेगल सहित पांच देशों की सेनाएं गांबिया भी पहुंच गईं थीं। 
- गांबिया के सेना अध्यक्ष ने पहले जामेह का समर्थन किया, लेकिन बाद में तटस्थ रहने का फैसला किया और जामेह को देश छोड़कर भागना पड़ा। जामेह रविवार को अफ्रीकन देश गिनी के लिए रवाना हो गए।

अफ्रीकन देश गांबिया में लगातार 22 साल तक प्रेसिडेंट रहे याह्या जामेह।
 

जामेह अपने कार्यकाल के दौरान विवादित बयानों और ऊटपटांग बैन को लेकर भी काफी चर्चा में रहे।

जामेह ने 2015 में लड़कियों के अंडरगार्मेंट्स पहनने पर रोक लगा दी थी। उनका तर्क था कि इससे लड़कियों को मां बनने में मुश्किलें आती हैं।

हालांकि, उनके इस बैन की बात देश की जनता के गले नहीं उतरी और बैन का देश में रत्ती भर असर दिखाई नहीं दिया।

जामेह ने 1994 से ब्लीचिंग क्रीम पर भी बैन लगा रखा था। उनका मानना था कि इससे कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं।

जामेह पश्चिमी देशों के ब्यूटी प्रोडक्ट्स के भी खिलाफ थे। उनका कहना था कि अल्लाह ने लड़कियों को जैसा बनाया है, उन्हें वैसा ही रहना चाहिए।

जामेह का दावा था कि उनके पास एड्स का अचूक इलाज है। वे अपने नाम के आगे डॉ. भी लगाया करते थे।

इस्लाम के कट्टर समर्थक जामेह एड्स और दमे के मरीजों का का झाड़-फूंक कर इलाज करते थे।

लगातार चार बार प्रेसिडेंट रह चुके जामेह पिछले साल दिसंबर में हुए चुनाव में हार गए थे।

लेकिन, चुनाव हारने के बाद भी जामेह ने प्रेसिडेंट का पद छोड़ने से साफ मना कर दिया था।

जामेह ने देश में तीन महीने के लिए इमरजेंसी लगाकर अपना कार्यकाल 90 दिन बढ़ा लिया था।

जामेह के डर के चलते जीते हुए उम्मीदवार अडामा बैरो को भागकर पड़ोसी देश सेनेगल जाना पड़ा था।

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