Recreations and Sports

विकलांग नहीं दिव्यांग हैं हम

By YaariDosti
  • Sep 14, 2016
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हाल ही मैं चल रहे परालयम्पिक्स खेलो के आयोजन मैं भारत के दिव्यांगों ने जो प्रदर्शनकिया वह सराहनीय तोह है ही साथ साथ वह इन महान स्पोर्ट्स पेर्सोनालिटीज़ के कड़े परिश्रम, दृढ़ निश्चय और डट कर मुश्किलो का सामना करने की अटूट क्षमता को भी दर्शाता है | कॉरपोरेट जगत से अगर हम इसको रेलाते करें तोह यह कहना कटाई गलत नहीं होगा की हम इनसे प्रेरणा ले सकते है | हम अपने आम जीवन मैं छोटी छोटी समस्याओ से डरते है अगर एक ऊँगली मैं चोट लग जाए या पर मैं दर्द हो या बुखार हो तो ऑफिस आने का मनन नहीं करता, लेकिन इन दिव्यांगों ने जो अटूट साहस, बल एवं दृढ़ निश्चय की पराकाष्ठा प्रस्तुत की है इसको बीट कर पाना शायद ही किसी के लिए आसान होगा |

पढ़ें :- किस ओलिंपिक खिलाड़ी को मिली गोल्डन महिंद्रा थार 

और तो और देवेंद्र ने तोह अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ डाला और वह भारत के पहले ऐसे ओलिंपिक खिलाड़ी बन गए जिसने दो गोल्ड मैडल जीते है | इस चीज़ से हम एक चीज़ तो सीख सकते है की अगर इंसान चाहे तो क्या नहीं कर सकता |

कहने वालो ने सही ही कहा  है 

"हिम्मत ऐ मर्दा तोह मदद ऐ खुदा "

 

"खुदी को कर बुलंद इतना के हर तदवीर से पहले खुद बन्दे से खुद पूछे बता तेरी राजा क्या है "

 

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