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अब जल-थल-वायु से परमाणु हमला करने में भारत सक्षम

By Sachin
  • Oct 18, 2016
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भारत ने पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिहंत को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पनडुब्बी को इसी साल अगस्त में गोपनीय तौर पर कमीशन दे दिया गया है।

 

इससे पहले, इस साल फरवरी में यह ऐलान किया गया था कि INS अरिहंत ऑपरेशन के लिए तैयार है। इस पनडुब्बी का परीक्षण कई महीनों तक चला था।


रक्षा सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की मंजूरी के बाद, INS अरिहंत को औपचारिक रूप से अगस्त 2016 में कमीशन किया गया था, लेकिन भारत ने गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस खबर को सार्वजानिक नहीं किया था।
साथ ही भारत उन देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने खुद परमाणु पनडुब्बी बनाई है। इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के पास ही परमाणु पनडुब्बी थीं।

 

 

 

भारतीय नौसेना अब उस क्लब में भी आ गया है, जिनके पास पानी, हवा और जमीन से न्यूक्लियर मिसाइल दागने की क्षमता है।

 

6 हजार टन वजनी इस परमाणु सबमरीन में K-15 या बीओ-5 शॉर्ट रेंज मिसाइलें तैनात हैं। ये 700 किलोमीटर तक अपने लक्ष्य पर वार करने में सक्षम है।

अरिहंत K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से भी लैस है, जिनकी  रेंज 3500 किलोमीटर तक है।अरिहंत पानी के अंदर और पानी की सतह से न्यूक्लियर मिसाइल दागने में कारगर है।  वहीं, पानी के अंदर से किसी विमान  को भी यह निशाना बना सकती है।

 

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